शुक्रवार, 24 अक्तूबर 2008

रक्ताल्प बच्चे

कल डॉक्टर लीला जोशी साहिबा से चर्चा हुई । वे रतलाम जिले में कई विभिन्न संस्थाओं से जुड़ कर अपनी गतिविधियाँ संचालित करती हैं । रोटरी, लायंस, रतलाम ओब्स्त्रेटिक्स एंड गाय्नेकोलोजिकल सोसायटी आदि कई संस्थाओं की वे सक्रीय सदस्या हैं ।


श्री सेवा संस्थान के मध्यम से सेवा करते हुए उन्होंने चोकाने वाली जानकारी दी और साथ ही मुझसे एक इवेंट मेनेजर की तरह सहयोग चाहा। सामाजिक क्षेत्र में मेरा यह रूप मुझे नया सा लगा लेकिन मेरी गतिविधियों से जुड़ी सहोगात्मक अवधारणा मुझे सहयोगी के रूप में काम करने को प्रेरित कर गयी ।


उन्होंने जो मुझे बताया उसके अनुसार "जिले के आदिवासी अंचल में शिविर के जरिये उन्हें पता चला की स्कूली छात्रों का एक बड़ा समूह रक्ताल्पता का शिकार है, वे इस बारे में जागरूकता के साथ हिमोग्लोबिन और लाल रक्त कणों की कमी को घटाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता महसूस कर रही है। और राजेश तुमसे उम्मीद है की तुम एक शिविर आयोजन करवाने में मदद करो ताकि एक कम उम्र वाला वर्ग जो बहुतायत में जिले में बसर कर रहा है को स्वास्थ्य लाभ मिल सके ।


मैं जानकारी पाकर चोंका क्योंकि मुझे जहाँ तक पता है प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से शासन दवाईयां पहुंचाता रहा है । फ़िर न्यून रक्त वाले लोगों का इतने बड़ी संख्या में होना चोकाने वाली बात ही तो हुई ना। लेकन एक नोबल कॉज लक्षित हुआ है तो आने वाले बाल दिवस पर
एक सम्पूर्ण कार्य योजना के जरिये कुछ हो जाना चाहिए खास तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में ..........


मैं क्या क्या कर सकता हूँ इस आयोजन में कृपया आपके सुझाव बताये ...........

4 टिप्‍पणियां:

Suresh Chandra Karmarkar ने कहा…

the problem of paucity of blood,is widely found in the rural areas/ if you can make understand the problem ,i can help you in arranging seminars/ all the primary and middle schools Govt. or Private are attached with nearest higher secondary. we can talk to them .

डॉ .अनुराग ने कहा…

स्वछता की कमी .इसका मूल कारण है .

राज भाटिय़ा ने कहा…

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

seema gupta ने कहा…

मैं जानकारी पाकर चोंका क्योंकि मुझे जहाँ तक पता है प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से शासन दवाईयां पहुंचाता रहा है .....

" hai to haranee ke baat, fir ye medicines jatee khan hai jub logon tk nahee phunchtee...., aap ka sehyog isse marg pr kandrit hona chaheye ke jo suvedhayen logon tk nahee phunch rhee hain, usmy kuch sudhar ho..."

Regards