सोमवार, 1 दिसंबर 2008

आतंकवाद : द हिंदू और अन्य समाचार पत्रों से

Washington (IANS): Asserting that sovereign nations have a right to protect themselves, US President-elect Barack Obama Monday assured India that he was absolutely committed to remove the threat of terrorism wherever it may exist.
Asked if he backed India's right to go into Pakistan in case it found the terror threat originated from there, Obama, who during the election campaign advocated US taking similar action as it fights the Taliban on the porous Pakistan-Afghan border, said: "Sovereign nations have a right to protect themselves."
"Our thoughts and prayers go out to the people of India," he added.
The president-elect said his expectation was that Pakistan too would extend India all cooperation in investigating the attacks as assured by Pakistan President Asif Ali Zardari।

इस्राइल ने लड़ाई के तरीके पर ऊँगली उठाई है , सारे युवाओं को जिस देश में अनिवार्य फौजी की सेवाएं देना होती है उन देशों में इस्राइल का नाम शुमार है । वह कहता है उनका अनुभव कभी इस तरह की लड़ाई का नही रहा है लेकिन एक्शन लेने का भारतीय तरीका ढीला ढाला है ।

सहमती है, क्योंकि हमारी एक्शन बगैर सरकार के अनुमति के नही की जाना बेहतरीन विकल्प तो नही है। प्रजातांत्रिक देश में फौजी कदम अचानक बगैर सरकार की इजाजत लिए जाना सम्भव नही ।

इस्राइल जैसी फौजी व्यवस्था हमारे यहाँ लागु नही है। लेकिन सुरक्षा प्रणाली के तहत असफलताओं को ढूँढना पडेगा । हमारी गुप्तचर व्यवस्था को संदेह भरी निगाहों से न देखे । सूचनाओं के समय संवेदनशीलता अनिवार्य पहलु होना चाहिए न की सूचित करने वाले स्रोत की प्रासंगिकता ।

पाकिस्तान एक और तो कह रहा है कि वह भारत के साथ है उस पर संदेह न करें तो दूसरी और सेनाध्यक्ष को कबीलाई क्षेत्र के लोग आतंकवादियों के बजाय भारतीय सीमा पर तैनाती का पक्ष प्रकट कर रहे हैं जो डबल स्टेंडर्ड दर्शाते हैं । पकिस्तान, दाऊद को सौपने को तैयार नही है । अन्तर-राष्ट्रिय प्रश्नों का समाधान करने को उनकी तैयारी नही । बचाव के पक्ष पर समय जाया किया जा रहा है , डिप्लोमसी कि इस प्रकार कि करतूतों पर आक्रमण किया जाए, तुंरत ही ।

मानते है कि फलों से लदे वृक्ष पर ही पत्थर मारे जाते हैं । अन्तर-राष्ट्रिय आर्थिक मंदी के समय पर भारत कि अर्थव्यवस्था का ठीक से खडा ढांचा भी आतंकवादी कारर्वाई का कारण होना चाहिए । बड़ी "सोच" का यह आक्रमण हलके से नही लिया जावे । थोथी राजनीति कर समय जाया ना करे ठोस एक्शन ले। चाहे तो पकिस्तान के समर्थन से ( जो बकौल आसिफ अली जरदारी के बयान से कि वे पूरी तरह से भारत को मदद के लिए तैयार हैं ) वरना ९/११ कि तरह बगैर चिंता के फौजी कदम उठाकर आतंवादी ठिकानो को नेस्तनाबूद कर देने कि मंशा रखें ।

5 टिप्‍पणियां:

डॉ .अनुराग ने कहा…

जी हाँ अपनी कमियों को दूर करना होगा .यही सीख है

COMMON MAN ने कहा…

bade nirasha janak haalat hain, yuva peedhi bhi sex aur risvat men phasti ja rahi hai.

Birds Watching Group Ratlam (M.P.) ने कहा…

जाबांज ओर देशभक्त सिर्फ़ जान न्योछावर करने के लिए नही होते ...वे देश की अमानत भी होते है

who will really understand the truth my dear ?
every body is behind himself
we all must salute these real heros of our asset

सागर नाहर ने कहा…

इस्रायल के जैसी इच्छा शक्ति, दृढ़ मनोबल और दुश्मनो को उनकी औकात बताने की हिम्मत हममें होती तो फिर रोना ही किस बात का था।
इस्रायली (मोसाद) अगर ओपरेशन एन्टेबी ( अब ओपरेशन जोनाथन) कर अगर विमान यात्रिओं को छुड़ा ला सकते हैं तो हम क्यों नहीं?
हम चाहें तब ना!
इस्रायल की जमीन में बिना रीढ़ के नेता पैदा नहीं होते।

राज भाटिय़ा ने कहा…

जाबांज ओर देशभक्त तो हमारे देश वासी भी है लेकिन इन गन्दे नेताओ ने सब कुछ खराब कर दिया, अब जनता को चेतना चाहिये.
धन्यवाद