सोमवार, 15 दिसंबर 2008

उपाय किए तो

आर्थिक मंदी ने विश्व भर में जकड की है । भारत की और सभी की निगाहें लगी हैं , कुछ विश्लेषक मानते हैं की उपायों को देरी से लागू किया गया। बैंक दरों में कमी ने बैंकों को पूँजी की उपलब्धता के बावजूद कर्ज देने में कटौती किए जाने के उपाय ढूंढ डाले हैं । बगैर सुरक्षा के दिए ऋणों की वसूली संभवतः कठिन या कहें नही की जा सकने योग्य ठहरा दी गई है जिससे किए जा रहे उपाय लागू नही किए जा रहे हैं , इस तरह की खबरें अखबारों में पढने को आई तो फ़िर लगा की वाकई हम संवेदनशील हैं देश के प्रति?
आज वित्त मंत्रीजी का बयान है की भारत आर्थिक मंदी की चपेट से बचा हुआ है । रोजगार के बारे में ४०००० नियुक्तियों पर समाचार दिखा तो कुछ सुकून मिला ।

1 टिप्पणी:

seema gupta ने कहा…

आज वित्त मंत्रीजी का बयान है की भारत आर्थिक मंदी की चपेट से बचा हुआ है । रोजगार के बारे में ४०००० नियुक्तियों पर समाचार दिखा तो कुछ सुकून मिला ।
" kash ye rojgaar sach mey rojgaar hi sabit ho??"

regards