सोमवार, 19 जनवरी 2009

नई पीढी की सोच निराली

एक अधेड़ कौआ शाख पर बैठा था की उसके पास एक नौजवान कौआ आ बैठा । परिचय लेने पर अधेड़ कौवे को पता चला कि नौजवान कौआ उसके दोस्त का बेटा है और यह भी कि आगामी दिनों में वो विदेश जाना प्लान कर रहा है । अधेड़ कौवे ने उसे सलाह देना शुरू कर दिया कि देखो बेटा दूर विदोशों में इंसान का खतरा अधिक रहता है किसी भी इंसान से दूर रहना आदि ।
इतने में पेड़ के नीचे से एक आदमी जेब में हाथ डाले गुजरा, अधेड़ बोला देखो इससे कोई डर नही । नौजवान बोला उड़ लो अंकल । अधेड़ हस कर बोला मैंने कहा न कि कोई डर नही ....... वोह अपनी बात पूरी कहता उसके पहले ही एक पत्थर उसे आ लगा ।
तब से कहते हैं उम्र से अनुभव जरूर मिलता है मगर विचारों को गति नौजवान ही दे सकते हैं

5 टिप्‍पणियां:

शोभा ने कहा…

हा हा हा आप सही कह रहे हैं।

seema gupta ने कहा…

उम्र से अनुभव जरूर मिलता है मगर विचारों को गति नौजवान ही दे सकते हैं

"सोलह आने सच, प्रेरक प्रसंग..."

Regards

रंजना ने कहा…

Sahi !

Amit ने कहा…

bahut sahi kaha aapne....acchi katha....

संगीता पुरी ने कहा…

बिल्‍कुल सही है।