सोमवार, 16 फ़रवरी 2009

मुद्रा निधि कॉइन गेलेरी, आजवा, वडोदरा में

कल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निजी प्रयासों से स्थापित सिक्कों की एक गेलेरी का उदघाटन वडोदरा शहर में किया है ।
अजय ने फ़ोन पर बताया कि कल यानी १५ फरवरी को पापा कि गेलेरी का इनोग्रेशन है तो बचपन के इस दोस्त कि पुकार / बुलावे को सम्मान देने सवेरे उठकर तुषार को उठाया फ़िर नहा धो कर उसे साथ लेकर जनता एक्सप्रेस से वडोदरा पहुंचा ।
वडोदरा के पिकनिक स्पॉट आजवा के समीप यह गेलेरी/म्यूजियम स्थापित कि गई है, मुद्रा निधि कोइन गेलेरी के नाम से।
पिछले १८ बरसों में अजय के पापा यानी श्री सनत कुमार कपूर जो मेरे लिए ताऊजी के समान हैं का जबरदस्त प्रयास सिक्कों को इकट्ठा करने का रहा और उनका यह जूनून इस कदर छाया कि देखते ही देखते २६०० वर्ष पुराने सिक्के भी उनके संकलन में शामिल हो गए ।
अजय जब पिछली बार रतलाम आया तो उसने यहाँ से सिक्के खरीदने कि बात कही उसे यहाँ के कलेक्शन कर्ताओं से मिलवाया और उसने कुछ सिक्के खरीदे तो मैंने पूछा था कि ये शौक बड़ा ही जूनून से भरा होता है आगे क्या करोगे इसका ? उसने बताया था कि एक गेलेरी लगाने कि योजना चल रही है और यह कपूर रिसोर्ट पर स्थापित होगी ।
१९८५ से लंबित कपूर रिसॉर्ट की ओपनिग का अचानक निमंत्रण तो नही था मगर काफ़ी दिनों से मुख्यमंत्री गुजरात श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलो इसकी शुरुआत किए जाने से लंबित चल रहे इसके उदघाटन समारोह के निमंत्रण अचानक पाकर मुझे खुशी हुई । जब यहाँ पहुंचा तो पता चला कि सारा समारोह शासकीय अमली जामा पहने था ।
अंकल जी का प्रयास आज मुद्रा निधि के रूप में संकलित हो गया और अब म्यूजियम के रूप में यह शहर को एक सौगात भी है और इसका भव्य उदघाटन सबके चहेते व्यक्तित्व कि छवि रखने वाले मुख्यमंत्री द्वारा हो सका इसकी बधाई और हाँ जब कभी आप का वडोदरा कि और जाना हो इस गेलेरी में रखे पुरातात्विक महत्त्व के सिक्कों से रूबरू होना भूलें नही ।
कपूर परिवार को इसकी बधाई और जन शिक्षा के रूप में स्थापित इस म्यूजियम के लिए ख़ास तौर पर अंकल श्री सनत कुमार कपूर जी का आभार जिन्होंने हमारी धरोहर को सहेजा और सिखाया कि धरोहर कैसे सहेजी जाये । हाँ एक बात जिसका जिक्र करना लाजिमी है श्री कपूर के इस सिक्के के संग्रह को जनता के बीच लाने के लिए उनके बड़े भाई श्री सुरेन्द्र कुमार जी ने निर्माण का उत्तरदायित्व वहन कर यह संपदा सबके बीच पहुचाने का श्रम किया है।
यह अवसर मुझे वडोदरा कि सांसद श्रीमती जयाबेन ठक्कर से मध्यप्रदेश और गुजरात के मध्य चल रहे गिर वन क्षेत्र के "सिंह " संवाद के सम्बन्ध में चर्चा का अवसर दे गया ।

3 टिप्‍पणियां:

रंजन ने कहा…

बहुत अच्छा.. सिक्कों के संग्रह में मेरी विषेश रूचि है.. कभी बडो़दा आना हुआ तो जरुर दे्खेगें

P.N. Subramanian ने कहा…

पढ़ कर बहुत ही अच्छा लगा. यदि ऐसा नहीं होता तो हमारा धरोहर बिखर जाता. आभार.

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत ही अच्छा लगा,
धन्यवाद