बुधवार, 25 फ़रवरी 2009

होली ही क्यों इतने लंबे समय ?

आज याद आया कि पिछले दिनों से एक फोटो और कुछ लाईने लिख कर होली मनाने का खेल चला रखा है मैंने। लगा कुछ लिख भी दूँ इस बारे में वरना आप सोचने लगोगे कि भाई होली क्या ?जनाब; ब्लॉग पर दिवाली के संदेश लगाए, नया साल मनाया , अभी वेलेंटाइन डे भी फ़िर एक एक कर सारे त्यौहार तो सोचा रंग भी लगे और संदेश भी इसलिए नेट के किसी कोने से फोटो लेकर चिपका दिया और लिख डाली वे सारी लाईने जो सूझ पड़ी । आपका प्यार मिला , जज़्बात समझे , प्रकृति कि महत्ता प्रतिबिंबित कर डाली । फ़िर सोचा कि होली तो १३ मार्च को है तो अभी से होली का रंग क्यों बिखेर डाला।चलो अपनी आलोचना ख़ुद ही कर ली ।ये त्यौहार है भी तो टोपियाँ उछालने का ही तो सोचा वो कैसे होगा ?फ़िर लक्कड़ बचाने का धर्म भी तो निबाहना चाहिए ।बिना पानी और रंग लगाए दूर दूर रहकर होली थोड़े ही खेली जाती है। सो घर का बुलावा भी दे डाला ।फ़िर याद आया कि बिना काम पानी ख़राब करने का समय नही है क्या ये होली का दिन ?लोग अपनी रंजीशें भी तो इसी दौर में निपटाते हैं ।सोचा क्यो बेवजह होली का त्यौहार मना रहा हूँ ।आप समझे कुछ ?अरे भाई , होली का डांडा जो गड़ गया हैं न , तो फ़िर ?अपने इलाके की कह दू तो यहाँ होली धुलेंडी फ़िर रंगपंचमी मनाने का दस्तूर कायम है एक दिन से काम चलता नही फ़िर आस पास में तो और भी जबरदस्त माहौल रहता है । मंदसौर जिले में तो ग्यारस तक रंग खेलने का प्रचालन है ।अब अपनी वाली दिखाने कि बात आई है :भाई पानी का मोल समझो जंगल को संपत्ति चाहे कोई कुछ करे बोलो मति आप होते कौन हैं जो ले सको आपत्ति आज सिर्फ़ अपना ही अपना है भाई । खेलना ब्लॉग ही पर होली । दुबके ना रहना सोच संकोच में । आजाद रखना सोच और खुल के आना सामने । बिना लकड़ी और पानी के रंग बिखराना जरूर । मनाना होली चाहे पास रहो या दूर । गाना जमकर गाना । उधम भी मचाना । और फ़िर लिख भेजना ताकि जो होली मना न सके उसे लगे कि वो भी कैसा पागल है........

3 टिप्‍पणियां:

kumar Dheeraj ने कहा…

वाह होली के आगमन के तैयारी के लिए सुन्दर रचना । होली रंगो का ऐसा त्योहार जो हर दिलों को रंगती है । खासकर समाजिक परिवेश का सुन्दर त्योहार । रचना के लिए शुक्रियाओ

शोभा ने कहा…

मनाना होली चाहे पास रहो या दूर । गाना जमकर गाना । उधम भी मचाना । और फ़िर लिख भेजना ताकि जो होली मना न सके उसे लगे कि वो भी कैसा पागल है........
होली की तैयारी तो कर ली आपने। बधाई।

hem pandey ने कहा…

बिना पानी के शब्दों से ब्लॉग में होली खेलने का भी अपना अलग मजा है.