रविवार, 1 मार्च 2009

होली हम मनाएंगे चाहे तुम जो कर लो


बर्फ का लड्डू हो या विदेशी आईसक्रीम
चाहने वाले सारे जहाँ
होली है तो याद आ गया ठंडा
ऐसे दीवाने चाहे जहाँ
मैंने उडाते देखा समोसा चील को
यह जगह मालूम नहीं है कहाँ
कुछ याद आ जाए सुहाना गर
लिख भेजना अपने ब्लॉग पर
खेलो चाहे ना खेलो तुम
मगर होली तो मनायेगा सारा जहाँ

2 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

राजेश जी यह किसी समुंदर के किनारे का चित्र है,ओर यह पक्षी समुंदरी है, ओर हमारे यहां समुंदर के किनारे घुमते हुये अकसर ऎसा हो जाता है, चित्र कार ने बहुत ही सुंदर चित्र लिया है.
धन्यवाद

Udan Tashtari ने कहा…

अरे, करेंगे क्या सिवाय बधाई देने के.