बुधवार, 11 मार्च 2009

खेल के होली देखा अपने को

जला डाली लकडियाँ
भर बाल्टियां फेंका रंग

पी भांग
और रही शराब की तरंग

खेल डाली होली
रिवाज़ जो निभाने है


जब आईने में देखा
अपने को तो
थे दंग

6 टिप्‍पणियां:

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!

होली की शुभकामनाओं सहित!!!

प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!

होली की शुभकामनाओं सहित!!!

प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

होली पर्व की आपको भी शुभकामना बधाई

Mired Mirage ने कहा…

हम तो शीशे में इतने सुन्दर नहीं दिख रहे थे !
होली की शुभकामनाएँ।
घुघूती बासूती

Udan Tashtari ने कहा…

होली की शुभकामनाएं

Science Bloggers Association ने कहा…

बहुत खूब।

होली की हार्दिक शुभकामनाऍं।