शनिवार, 21 मार्च 2009

आरामगाह

कहते है आराम बड़ी चीज है , मुह ढक के सोईये

4 टिप्‍पणियां:

शोभा ने कहा…

वाह बहुत सुन्दर।

MAYUR ने कहा…

वाह अच्छा चित्र दिखलाया है,
कोई तो आराम कर रहा है ,नही तो बाकी तो भाग ही रहे हैं । कितना भागेंगे ?

अपनी अपनी डगर

G M Rajesh ने कहा…

vaakai theek kahaa mayurji
kitnaa bhaagoge

राज भाटिय़ा ने कहा…

मस्त है भाई