बुधवार, 1 अप्रैल 2009

आज स्थापना दिवस है बर्ड्स वाचिंग ग्रुप का

१ अप्रैल २००० को बर्ड्स वाचिंग ग्रुप का गठन जन जाग्रति के उद्देश्य को लेकर किया गया । तब से अब तक विभिन्न गतिविधियों का संचालन कर हमने मध्यप्रदेश के भोगोलिक बदलावों के साथ अन्तरराष्ट्रिय मानदंडों को समर्पित होकर काम किए। जल जंगल और वन्य जीवो के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया।
शासन की विभिन्न योजनाओं में अपनी सहभागिता निभाई ।
रतलाम जिले में जो प्रेशर बर्ड्स वाचिंग ग्रुप ने बनाया उसके परिणाम सामने आने लगे। जिले में अपनी विशेष उपलब्धता से सबको रुझाने वाला परिंदा खरमोर आज संख्यात्मक रूप से वृद्धि को प्राप्त है तो इसमे ग्रुप की फाईंडिंग महत्वपूर्ण है ।
आज ९ वर्षीय कार्यकाल के दौरान समस्त प्रकार की पर्यावरणीय गतिविधिया संचालित करने के बाद मन में सुकून है की कहीं ना कहीं हमने अपने जीवन को सार्थकता देने में प्रयास किया है ।
उत्तर से दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में इस दरमियान सदस्यों ने ट्रेक्किंग, मोटर सायकल यात्रा, जंगल के दौरे करने के बाद सुझावों से भी वन विभाग को रुबरु कराने में कसर नही बक्षी। सघन वनों में रात गुजाने के अवसर सदस्यों ने नही गँवाए।
हेमिड हाईट्स , सुर सरोवर , माधव, सीता माता , गीर , गांधीसागर, बोरी, सतपुडा, बांदीपुर और कान्हा किसली जैसे स्थानों को महसूस किया। जंगल और प्राकृतिक दशाओं को समझा और कोशिश की ताकि लोग बाग़ वन्य जीवन की महत्ता को समझें।
कई लोग मोगली , चिडिमार के उपनाम भी देने लगे तो काफ़ी लोगों के लिए ये बड़ा ही कौतुक भरा विषय बना रहा। आज के भौतिकतावादी समय में जबकि लोग अपने खीसे भर रहे हों , पर्यावरण पर समय जाया करने को मुर्खता समझते हैं ।
१ अप्रैल को मुर्ख दिवस मनाया जाता है इसी बात को लेकर हमने मूर्खताएं की और पर्यावरण को समर्पित होकर काम किए बर्ड्स वाचिंग ग्रुप की स्थापना की और धन्य हुए ।
ग्रुप का ब्लॉग भी समर्पित किया और पाया की लोगों के लिए पर्यावरण कोई आकर्षक बात नही है । भारत को छोडें तो पायेंगे की लोग अधिकतम मानव अपने भोजन के लिए मांसाहार पर निर्भर करता है और जानवर उसके भोजन का अनिवार्य अंग है । इसको बचाने का काम जिनका भोजन है वो ख़ुद कर ही लेंगे हम चिंतित क्यो हैं?
धन्य है १ अप्रैल ..........

2 टिप्‍पणियां:

Arvind Mishra ने कहा…

प्रशंसनीय और अनुकरणीय -चिडीमार नहीं कोई और शब्द रचा गया था बर्ड वाचर के लिए ! चिडीलखा जैसा कुछ -याद हो तो बताएं ई मेल पर !

sandhyagupta ने कहा…

Navi varshganth par birds watching group ko badhai.