मंगलवार, 14 अप्रैल 2009

आँखें


देखी आँखें जो आपकी

दिखा क्या नजर में ?

हसरते जो हमारी थी

फ़िर दिल बेकाबू हुआ

मगर निगाहें थी आपकी

जो समझ पाते ज़रा





4 टिप्‍पणियां:

अनिल कान्त : ने कहा…

बहुत खूबसूरत आँखें हैं ये .....

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

देखी आँखें जो आपकी
दिखा क्या नजर में ?
हसरते जो हमारी थी
फ़िर दिल बेकाबू हुआ
मगर निगाहें थी आपकी
जो समझ पाते ज़रा


वाह जी वाह अच्‍छी रचना और साथ में फोटो लगता है अभी बोल पडेंगे इस गीत को बेहतरीन रचना के लिए बारम्‍बार बधाई

Vidhu ने कहा…

मगर निगाहें थी आपकी ...sundar chitr...aur kavitaa bhi

seema gupta ने कहा…

खुबसूरत आँखें....

regards