शुक्रवार, 1 मई 2009

हमेशा उदास ?

हमेशा रहो उदास
रहो नशे में जैसे
चेहरा रखो ऐसे
धोया न मुह हो जैसे
सुबह ही ठान लो
खुश होंगे कभी न हम
चाहे पा लें
मनचाहा
रहो उदास
दिखोगे ख़ास

3 टिप्‍पणियां:

gargi gupta ने कहा…

good

hem pandey ने कहा…

'खुश होंगे कभी न हम
चाहे पा लें
मनचाहा'

- यह तो मनहूसियत की परिभाषा लगती है |

Udan Tashtari ने कहा…

ओके