बुधवार, 8 जुलाई 2009

सेवा धाम आश्रम का दौरा

कल भोपाल में सूर्य ग्रहण से सम्बंधित बैठक का आयोजन बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी में मध्य प्रदेश की शिक्षा मंत्री महोदया अर्चना जी चिटनीस जी की अध्यक्षता में हुआ जिसमे राज ज्योतिष पंडित बाबुलालजी जोशी जी के साथ रतलाम से जाना हुआ ।
बैठक के पूर्व मध्य प्रदेश गौसेवा आयोग अध्यक्ष श्री मेघराज जी जैन साहेब जी के घर सौजन्य भेंट थी । उज्जैन के सेवा धाम आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल जिन्हें सभी भाईजी के नाम से पुकारते हैं की मुलाक़ात यहीं हुई । सूर्य ग्रहण का असर विभिन्न प्राणियों पर किस तरह पड़ता है इसकी चर्चा चली और परिचय का दौर और साथ ही समाज सेवा के बारे में भी काफ़ी कुछ ।
सुधीर भाई ने सेवा धाम आश्रम आने का न्योता दिया तो उन्हें वापसी में लौट कर जाते वक्त मिलने को तथा प्रकल्प देखने जाने की बात का संकल्प बता दिया ।
सेवा धाम के बोर्ड के समीप से अपनी अल्टो निकालते हुए ग्राम अम्बोदिया होकर सेवा धाम पहुंचे । सेवा संकल्पों के प्रति लगन और उत्साह का मनोबल जो शब्दों में ठीक प्रकार व्यक्त नही हो पा रहा था , यहाँ देख कर सुकून मिला । रतलाम की सड़कों पर घिसट कर चलते व्यक्ति को यहाँ पाया जो अब यहाँ का अन्तःवासी बन चुक्का है तो समाधान रहा की सेवा वाकई सेवा है। यहाँ ३५० करीब विभिन्न तरह के लोग निवास कर रहे और सम्पूर्ण उपचार के साथ अपना जीवन जी रहे है ।
समाज से निकाले , अनुपयोगी , बिमारियों से ग्रसित, पागल और विकलांग लोगों के प्रति सेवा और उसका पूर्ण मनोयोग से आश्रम में घर की तरह व्यवस्थापूर्ण पालन संतोषप्रद था

भाई सुधिरजी के इस सेवानिष्ठ प्रकल्प को साधुवाद ......

हमारे मन के किसी कोने के संकल्प को साकार रूप में देख पाना । अपने प्रयास जो पूर्ण नही हो पायें हों । अपनी मर्यादित क्षेत्र एवं भूमिका को किसी भी माध्यम से होता देख पाना ईश्वर का आर्शीवाद ही तो है...

भाई सुधीर जी कर पा रहें हैं कई कठीनाईयों के बावजूद, ये उनका ढाढस और भावनाओं की ऊंचाईयां ही तो हुई ना

3 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

भाई सुधिरजी के आश्रम के बारे में जानकर काफी अच्‍छा लगा .. सचमुच अनुकरणीय है ऐसे लोग !

seema gupta ने कहा…

रतलाम की सड़कों पर घिसट कर चलते व्यक्ति को यहाँ पाया जो अब यहाँ का अन्तःवासी बन चुक्का है तो समाधान रहा की सेवा वाकई सेवा है। यहाँ ३५० करीब विभिन्न तरह के लोग निवास कर रहे और सम्पूर्ण उपचार के साथ अपना जीवन जी रहे है ।
" bhut sukun mila ye shabd pdh kr, kahin koi to hai jo aise bjurgo ka sahara bn rhaa hai....seva dhaam ashram ko is kary ke liye bdhai or shubhkamnaye."

regards

tarun ने कहा…

सुधीर भाई और उनके आश्रम ''सेवा धाम'' मे हो रहे कार्यों की जितनी प्रशंसा की जाये कम है .पीड़ित मानवता की बातें तो हम बहुत कहते और सुनते हैं पर हकीकत मैं वो सेवा क्या है और कैसे होती है ये वहीँ जा कर पता लगता है .कैसी कैसी बीमारियों से ग्रसित कंहाकंहा के हर उम्र के लोग जिनमे से प्रत्येक की अपनी एक अत्यंत दुःख भरी कहनी है उनको देख के और सुन के ऐसा लगता है की कितने निष्ठुर और कठोर हर्दय के लोग होंगे वो जिन्होंने अपने ही लोगो को सड़क पर छोड़ दिया होगा वही दुआ निकलती है ऐसे लोगों के लिए जो ऐसी संस्था चला रहे हैं अथवा अपना सहयोग दे रहे हैं ऐसी संस्था चलाने वालों को. .सुधीर भाई सेवा धाम के किसी भी प्रकल्प मे मैं यथाशक्ति तन मन और धन से आपके साथ हूँ .......,.