शनिवार, 4 जुलाई 2009

कर रहे हम......, आप अपनी कहो....

चुन चुन कर लाये पत्तों से बसा रहे घर अपना
हरियाली की गोद में आशियाने का सपना

कर रहे हम अपनी दुनिया आबाद
खतरों से लबरेज हमारा आज
कल को होगा क्या ? फिकर किसे ?
भगवन से दुआ इंसान न डसे
रंग निराला धरती का निखरा
सुनहरा पल चारो तरफ़ है बिखरा
बया कह गई बात अपनी
आप भी कह चलो अपनी

3 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

अति सुंदर

Nirmla Kapila ने कहा…

सही है हमरे घर मे भी आज कल चिडियों ने खूब चहलपहल मचा रखी है सुन्दर तस्वीर है आभार्

hem pandey ने कहा…

सुन्दर.