मंगलवार, 24 नवंबर 2009

जवानी

आज देखो मैं जवान हो गया
मुझे देख ज़माना हैरान हो गया


बीयर के ड्रम से छोटा मकान हो गया
अरे वाह मैं जवान हो गया
हुई बोतलें खाली
बिक गई घोडा गाड़ी
किस खूबसूरती से पैगाम हो गया
अजी क्या कहे,
मैं जवान जो हो गया



फ़िर लगाए खेतों पर अंगूर मैंने
वाह जी कमाल हो गया
अंगूर की बेटी के रहमो-करम से
मैं फ़िर मालामाल हो गया

ये सब करते कराते
कहूँ क्या ?
आज मेरा बेटा
खेलते कूदते जवान जो हो गया

वो मुझसे चार कदम आगे निकला

अंगूर की बेटी का गुलाम जो हो गया

5 टिप्‍पणियां:

खुला सांड ने कहा…

वाह जी अंगूर की बेटी की गुलामी !!! तो बड़े बड़े राजाओं के रजवाड़े तबाह कर चुकी है !!!

विनीता यशस्वी ने कहा…

pictures to achhi hai per apne jo lines likhi hai wo to kamal hai...

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

चित्र और कैप्शन दोनों लाजवाब हैं।

राज भाटिय़ा ने कहा…

मजे दार भाई

खुला सांड ने कहा…

राजेश जी आपकी टिप्पणी के लिए शुक्रिया!!! गाय के बछड़े का भविष्य अक्सर बुचडखाने ही बनते हैं !! कभी फुर्सत मिले तो "ओरिजनल फेस ऑफ़ डेथ" जरुर देखिएगा !!! सी डी न मिले तो मुझे कहिएगा मैं लगा दूंगा अपने ब्लॉग मैं !!!