बुधवार, 30 दिसंबर 2009

अलविदा २००९


अलविदा कहना किसी को
बड़ी कठिन बात है
मगर रोक नहीं सकते जिनको
याद भी तो आते हैं
बेबसी हमारी हो रही उजागर
बस इतना ही कहेंगे अलविदा २००९

2 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

स्वागत २०१० कहिये!!

मुझसे किसी ने पूछा
तुम सबको टिप्पणियाँ देते रहते हो,
तुम्हें क्या मिलता है..
मैंने हंस कर कहा:
देना लेना तो व्यापार है..
जो देकर कुछ न मांगे
वो ही तो प्यार हैं.


नव वर्ष की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.

राज भाटिय़ा ने कहा…

अलविदा २००९