शनिवार, 30 जनवरी 2010

और तेंदुआ चकमा दे गया ........

परसों जैव विविधता कि बैठक उज्जैन में थी सो सवेरे जल्द निकलने का प्रोग्राम बना । वन विभाग रतलाम के एस डीओ श्री चौहान के साथ मैं रतलाम से रवाना हुआ बैठक से लौट कर आते वक्त खबर मिली कि जिला मुख्यालय से लगभग २० कि मी कीदूरी पर मादा तेंदुआ की उपस्थिति है और कच्ची सड़क के नीचे से निकल रही नाहर की ३० फूट लम्बी पाईप लाईन में उसने बच्चे दिए हैं तो सहज ही वहां जाने का प्रोग्राम बन गया । दुसरे दिन सवेरे यानी कल सुबह जंगल की सैर करने , पग मार्क तथा उसके दिखने की संभावना के साथ स्पोट पर जा पहुंचे । मादा और बच्चों की उपस्थिति के तमाम प्रमाण मिल गए मादा के पग मार्क की एक जगह साफ़ छबि मिली वहां ९२ से मी का ईनर गेप मिला साथ ही ३२ से मी और ३६ से मी के दो नन्हों के पग मार्क भी मिल गए ।
नाहर के पाईप में गाँव के बच्चे झांकते मिले जो बड़ा ही ख़तरा हो सकता था इनकी जान के लिए और एक तेंदुए के आदम खोर बन जाने के लिए । पूरी तन्मयता से देखने पर पता चला के पाईप के अन्दर और पूर्वी मुह पाडे [भैंस के बछड़े ]की टांग {पैर} छूटा हुआ है ।
शाम को उसके निकलने की सम्भाव्नासे डेरा डाला गया । गाँव की स्कूल और कुछ झोंपडिया उसके द्वारा किये गये मुकाम से मात्र २०० मीटर के फासले पर है । केमेरा लाईट आदि सुविधाए भारत गुप्ता से मंगवाई गई और इन्तेजार किया की पानी के लिए वो बाहार निकले । बच्चे खेलने को बाहार आजायें मगर अफ़सोस उसने गच्चा दे दिया और बाहर नहीं आई ।
आज विराम देकर फिर से उसे देखने की तमन्ना है । शायद कल परसों एक बार फिर केम्प लगाऊं ।
वन विभाग के लोगों को ड्यूटी पर लगा दिया है निगरानी के लिए ।
एक तमन्ना की ये बच्चे फले फुले बड़े हो जाए ।
ग्रामीण सभा में सूचित किया है की यदि कोई जानवर वो आपके मवेशियों में से आहार बना ले तो जानवर को छेड़ने की जरूरत नहीं । मुआवजा पूरा और तुरंत दिए जाने की व्यवस्था है ।
ग्रामीण कहते हैं की साहब वो यहाँ हमारी निगरानी में रहते हुए दो बरस बिता चूकी है हमारे पशु सुरक्षित है गाँव पर उसका कोई हमला नहीं हुआ है । हमें तो क्या बच्चों को भी उसने कभी छेड़ा तक नहीं है । दिख जाने के बावजूद भी उसने कभी नुक्सान नहीं किया हमारे परिवार की सदस्या जैसी रह रही है तो आप फ़िक्र क्यों करते हैं
मगर कल उसने पाईप के भीतर रह कर कमाल का ढाढस दिख कर है जो गच्चा दिया है वाह तारीफे काबिल है.........
ईश्वर और फ़रिश्ते उनकी रक्षा करें

मंगलवार, 26 जनवरी 2010

नृसिंह

यह फोटो देख कर आप सोचेंगे कि फिर नृसिंह अवतार हो गया क्या ?
माफ़ करें आदमी कि गोद में कुत्ता बैठा है और भ्रमित कर रहा है

रविवार, 24 जनवरी 2010

दोस्ती :


शनिवार, 23 जनवरी 2010

कुश्ती


लो अब करो बात .....




दोष या मानसिकता


एक कार त्रिफुन्गा नाम से अब उड़न कार बन गयी है ।
तो दो बगुलों को यह बात पढने को मिली एक ने जेब टटोली और चल दिया खरीदने ।
और दुसरे ने आत्म ह्त्या कि कोशिश कर ली ।
पुलिस ने जब उसे पकड़ कर पूछा कि तुम आत्म हत्या क्यों कर रहे थे ।
तो उसने जवाब दिया " पहले तो हवाई जहाज ही बराबरी कर रहे थे , अब इंसान कि करतूत तो देखो कार भी हमसे टक्कर लेंगी? फिर कहेंगी दोषी हम परींदे हैं ? भाई मैं तो तबाह हो गया सोचा मछली पकड़ ही लूँ तो वहां भी मुझे चैन से नहीं पकड़ने दी और यह फोटो खींच ली और आत्म ह्त्या का दोष जड़ दिया ।

गुरुवार, 21 जनवरी 2010

बुधवार, 20 जनवरी 2010

और श्यामू जीता चुनाव

पंचायत चुनावों के पहले मेरे साथ वन्य प्राणी संरक्षण के लिए कार्यरत श्यामू को जब कोई रोजगार के साधन मुहैया कराने में उसकी शिक्षा बाधक बनी तो सोचा क्यों न इसे चुनाव लड़ने को कहा जाए ।
मेरे प्रस्ताव पर एक बार डगमगाया श्यामू अचानक तैयार हुआ और मुझसे बोला गाँव वाले चाहते हैं कि अबकी बार किसी भी पार्टी को वोट नहीं देना है । आप ने कहा था सो मई चुनाव लड़ने कि इच्छा रखता हूँ । मुझे ख़ुशी हुई मगर निहायत गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले श्यामू कि डगर कठिन दिख रही थी । सो उसे बुलाकर चर्चा कीवो अपने साथ घनश्याम को लेकर आया , उसी ने सारे पक्ष मेरे सम्मुख बयाँ किये और मंतव्य जताया साथ ही उसके जीताने के संकल्प को दोहराया । गाँव वालों से उन्होंने वोट ही नहीं चुनाव लड़ने के लिए आर्थिक सहयोग हासिल कर एक बड़ा काम कर लेने की बात से मेरा संशय जाता रहा मगर उन दोनों काफी थोक बजा कर देखा तो पता चला की वे नहीं डिगेंगे।
१८६४ वोट लाकर आज श्यामू निर्दलीय चुनाव जीत आया है तो सारे ग्रुप ने ख़ुशी मनाई । आज श्यामू चुनाव जीतकर जनपद सदस्य बन चूका है ।
श्यामू कहता है भैया देखते जाओ अब आप मैं अध्यक्ष बन कर दिखाउंगा । ईश्वर करे उसकी अपेक्षा पूरी हो मगर उसके चुनाव जीतने और नियमित कमाई के प्रति व्यवस्था हो जाने का जो आनंद मुझे मिला है बयाँ नहीं कर सकता । पिछली पोस्ट मैं उल्लू का इलाज के बारे में जिस श्यामू का उल्लेख किया है यह वही श्यामू है जो अचानक गाँव का बड़ा आदमी बन गया है।

बधाई : बसंत पंचमी रतलाम का स्थापना दिवस है

रतलाम राज्य कि स्थापना बसंत पंचमी को हुई है । यह अवसर हम सभी रतलाम वासी बड़ी धूम से मनाते हैं । कल कवी सम्मलेन और स्थापना दिवस के विभिन्न आयोजन हुए । मेरे मित्र सोनू ने संगीत संरचना में जय जय रतलाम कि सुमधुर गीत माला रतलाम वासियों को भेंट की। भारतीय जनता पार्टी ने इसे हाथो हाथ लेकर मुफ्त प्रदान किये जाने का उपक्रम किया ।
नेट पर आप इसे सुन पायेंगे । किसी शहर के लिए शायद ही कहीं ऐसे प्रयास होते हों ।
गीत : लिंक है :ekhabartoday.com

मंगलवार, 19 जनवरी 2010

सोमवार, 18 जनवरी 2010

रविवार, 17 जनवरी 2010

बघीरा एंड रेट

छाया प्रतिकृति


सूरज कि सीधी प्रकाश किरणों का छाया प्रतिबिम्ब देखें ।
ग्रहण के समय में चंद्रकार बन आई किरणों का स्वरुप देखें ।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2010

रविवार, 10 जनवरी 2010

चुटकुले

1Boss: Where were you born? Sardar: India ॥ Boss: which part? Sardar: What 'which part'? Whole body was born in India

2 sardar were fixing a bomb in a car। Sardar 1: What would you do if the bomb explodes while fixing। Sardar 2: Dont worry, I have one more।

3Sardar: What is the name of your car? Lady: I forgot the name, but is starts with 'T'। Sardar: Oh, what a strange car, starts with Tea। All cars that I know start with petrol।

4Sardar joined new job। 1st day he worked till late evening on the computer। Boss was happy and asked what you did till evening. Sardar: Keyboard alphabets were not in order, so I made it alright.

5Museum Administrator: That's a 500-year-old statue u've broken। Sardar: Thanks God! I thought it was a new1

6At the scene of an accident a man was crying: O God! I have lost my hand, oh! Sardar: Control yourself। Don't cry। See that man। He has lost his head। Is he crying?

7Sardar: U cheated me। Shopkeeper: No, I sold a good radio to u॥ Sardar: Radio label shows Made in Japan but radio says this is 'All India Radio!

'NOW THE LAST TWO ULTIMATE:
8 In an interview, Interviewer: How does an electric motor run? Sardar: Dhhuuuurrrrrrrrrr। ..... Inteviewer shouts: Stop it। Sardar: Dhhuurrrr dhup dhup dhup....

9Tourist: Whose skeleton is that? Sardar: An old king's skeleton. Tourist: Who's that smaller skeleton next to it? Sardar: That was same king's skeleton when he was a child.

बुधवार, 6 जनवरी 2010

आदमी का सर

एक दिन एक महान राजा अपनी सेना के साथ कहिन जा रहा था । उसे अचानक एक गरीब भिखारी दिखा । अपने घोड़े से उतरकरउसके सामने राजा ने सर झुकाया । आगे पड़ाव पर जब सेना थमी तो उसके मातहतों ने आपत्ति ली और कहा कि आप जैसे महान राजा को हर कहिन सर झुका देना ठीक बात नहीं है ।
राजा ने अगले कुछ दिनों बाद महल में पहुँच कर उन लोगों को बुलवाया जो आपत्ति दाखिल कर चुके थे । उन्होंने एक बकरे , एक घोड़े और एक आदमी का सर उन्हें दिया और उसे बेचकर आने को कहा और हिदायत दी कि किसी को जबरदस्ती बेचने कि कोशिश न करें ।
शाम को जब वे लौटे तो किसी ने भी वे खरीदे नहीं थे । राजा ने कहा अब कल इन्हें किसी को वैसे ही बिना मोल के भेंट कर आना । शाम को जब वे लौटे तो बकरे औए घोड़े के सर लोगों ने रख लिए थे मगर आदमी का सर मुफ्त दिए जाने के बाद भी कोई अपने पास रखने को तैयार नहीं था ।
राजा बोला उस दिन मैंने अपना सर एक भिखारी के सामने झुकाया था. क्या उसका मोल अब समझ पा रहे हो या नहीं ?

मंगलवार, 5 जनवरी 2010

अँगुलियों के पोरों पर

प्यारा ड्रेगन आया
मन में उल्लास छाया
हौले से मैंने उसे उठाया
बैठ अँगुलियों के पोरों पर मेरे
आग का गोला उसने जैसे ही बरसाया
गुम हो गया आखिर जीवन का अंधियारा

सर्दी ये कैसी हाय



बर्फ जम गयी चेहरे पर

छाई सफेदी है चहुँ ओर

कोई सुलगा दे आग कही

सर्दी बड़ी घन घोर


सूरज में चेहरा है खिल आया

रौशनी ने है चमकाया

बर्फ कि शीतलता ने नहलाया

पर कहते सर्दी ये कैसी हाय

शनिवार, 2 जनवरी 2010

आपकी राहों में फूलों का बने रास्ता

प्यारे दोस्त,
कहता हूँ बीते दिन से सीख लेकर जब तुम बढ़ो आगे
दोस्ती और पैगामों के बुनते जाएँ हम धागे
समय पीछे रह जाए ऐसे हम भागे
फूलों के बन जाए रास्ते
दिल से यही शुभ कामनाए