शनिवार, 2 जनवरी 2010

आपकी राहों में फूलों का बने रास्ता

प्यारे दोस्त,
कहता हूँ बीते दिन से सीख लेकर जब तुम बढ़ो आगे
दोस्ती और पैगामों के बुनते जाएँ हम धागे
समय पीछे रह जाए ऐसे हम भागे
फूलों के बन जाए रास्ते
दिल से यही शुभ कामनाए

2 टिप्‍पणियां:

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना . नववर्ष की शुभकामना

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

फूलों के बन जाएँ रास्ते!
मुझे ये शुभकामनाएँ तभी स्वीकार होंगी,
जब रास्ते बनानेवाले ये फूल
किसी पौधे से तोड़े हुए न हों!

नया वर्ष हो सबको शुभ!

जाओ बीते वर्ष

नए वर्ष की नई सुबह में

महके हृदय तुम्हारा!