सोमवार, 28 जून 2010

धन्यवाद एवं बधाईयाँ

सभी रोटरियन साथियों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ जिनकी मेहनत ने मुझे मुकाम तक पहुंचाया और मई काबिल बना ताकि पुरस्कार पा सकूँ पुनः एक बार धन्यवाद ललित जी को क्योंकि उन्होंने आकलन कर मुझे पुरूस्कार के योग्य समझा ।
रोटरी क्लब रतलाम सेंट्रल के ब्लॉग से



Dear All,

I congratulate all the Rotarians who were awarded in the District Award ceremony for their projects and services to Rotary.

My club Rotary Club of Ratlam Central has appreciated by the District Governor with 3 awards

1. Best President Rtn. Sushil Gorecha

2. Best Secretary Rtn. Rajesh Jain

3. Providing Drinking Water in Pipalkhunta School through matching grant project

one individual category award to Rtn Rajesh Ghotikar

I wish to thank all my club members for the support they gave and the hard work put in by them.


Today district governor Lalit Shrimal awarded to the work done within his tenure.

Rtn. Rajesh Ghotikar was district chairman global warming for the said term 2009-2010. for his activities during the year was recognized and at the award ceremony conducted by Rotary Club Ujjain Holi city he has Awarded for his services.



गुरुवार, 10 जून 2010

पर्यावरण दिवस को सिरपुर तालाब पर नेचर वॉक और बर्ड वाचिंग





ये कुछ यादगिरी के चित्र हैं
पर्यावरण दिवस को रोटरी क्लब इन्दोर समर्पण द्वारा आयोजित कार्यक्रम के ।

बुधवार, 9 जून 2010

रंगे कुत्ते


किसी जमाने में रंगे सियार की कहानी पढ़ी थी

मगर नए जमाने ने कुत्ते रंग दिए

मगर सियार तो सियार ही रहा था

अब कुत्ते भी कुत्ते ही लग रहे

मंगलवार, 8 जून 2010

वाह भाई कमाल , तैर गया जी गाँव


देख लिया जी मेहनतकशी का परिणाम
चाहत के रंग का अंजाम
डूबेंगे नहीं सनम है जमाने को दिखाना ये
पर क्या जाने बाढ़ कहाँ ले जाए

रविवार, 6 जून 2010

और बन्दर को मिली सरकारी नौकरी : रिपोर्ट की कॉपी पढ़ें


Sat, Jun 5 03:10 PM
Kanpur, June 5 -- Many youths toil day and night and yet cannot take home a pay packet of Rs 10, 000 per month. However, a black-faced langur Mangal Singh has landed a job which earns him a package of Rs 1.2 lakh per annum!
The langur is hired by the Employees State Insurance Corporation (ESIC) here as a 'guard' to keep common marauding monkeys at bay. Deputy Director of ESIC, Prabhat Sharma told HT, "The monkeys had made life miserable for the employees and those living on the campus. These monkeys had destroyed several important documents and other records with important financial details."
The marauders had also injured several employees. Sharma said that many times, he saw these monkeys 'reading' departmental files and then tearing them into shreds but he could not help save important data.
Sharma said the department tried contacting the Kanpur Zoo oficials and other departments concerned for check the monkey menace but all efforts proved futile. The zoo authorities installed a cage but only one monkey was caught in several months.
According to informed sources, a zoo official advised the ESIC officials to contact Mohd Fareed, a monkey trainer. Mohd Fareed also provides his services to the Rashtrapati Bhawan and several other government departments in Kanpur, Delhi and Lucknow.
Mangal Singh, the langur was deployed on the ESIC campus in October 2008 to chase monkeys away. Irfaan, the caretaker of the langur at ESIC said, "Red-faced monkeys fear black-faced langurs because they are mightier. Usually, after seeing the monkey with long tail and black face, the red-faced monkeys keep away."
Needless to state, the ESIC campus, full of greenery with hundreds of trees and plants, which once bustled with the roguish activities of red-face monkeys who stole clothes, food and other goods from houses and office, is quiet today।

इस सारे समाचार के बाद वाकई मजे किसके हो रहे होंगे सोच रहा हूँ...........

विश्व पर्यावरण दिवस पर "नेचर वाक"

विश्व पर्यावरण दिवस पर रोटरी क्लब ऑफ इंदौर संकल्प का अनूठा कार्यक्रम "नेचर वाक"

बकलम : सुधीन्द्र मोहन शर्मा अध्यक्ष रोटरी क्लब ऑफ इंदौर संकल्प

रोटरी क्लब ऑफ इंदौर संकल्प के रोटर्रियन्स, रोटरी एन्स, और रोटरी संकल्प परिवार के बच्चों, और नेचर वॅलेंटियर के सदस्यो के लिये विश्व पर्यावरण दिवस की सुबह कुछ विशेष थी, उन्होने अपने दिन की शुरूआत की "नेचर वाक" के साथ, और सिरपुर पाल पर इस लगभग 1.5 किलोमीटर के नेचर वाक के साथ साथ उन्होने आनंद लिया बर्ड वाचिंग का.

अलसुबह, दोनो ओर तालाब का पानी, तेज़ ठंडी हवाएँ, और तालाब की पाल पर लगे पेड़ो पर और तालाब के पानी मे, तालाब के किनारों पर घास के मैदानों मे पक्षियों को ढूंढते और दिखाई पढ़ने पर रोमांचित हो उठते हम सब, अद्भुत अनुभव था

लगभग 26 प्रजातीयो की चिडियाये यहाँ पर देखी गयी जिनमे प्रमुख थी पाइड मैना, ग्रे हॉर्नबिल, कॉर्मोरेंड, ईगरेट्स, हेरन, परपल मूरहेन, ग्रीन बी इटर, कोटन टील, किंगफिशर आदि.
पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण के सभी पहलुओं से परिचित कराने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. 80 से अधिक की उपस्थिति वाले इस कार्यक्रम मे सूर्योदय से ही उत्साहपूर्वक बच्चे और महिलाएँ भी बर्ड वाचिंग का आनंद ले रहे थे.

बर्ड वाचिंग के बाद पोहा जलेबी का इंदौरी नाश्ता, और फिर पौधारोपण के साथ पर्यावरण दिवस की सुबह 9:30 पर यह अनूठा कार्यक्रम समाप्त हुआ

प्रतिभागियों के मार्गदर्शन के लिए प्रमुख रूप से श्री भालू मोंद्धे, श्री कौस्तुभ ऋषि, श्री आशीष दुबे, बर्ड वाचिंग ग्रूप रतलाम के श्री राजेश घोटीकर, जैसे सुप्रसिद्ध बर्ड वाचिंग एक्सपर्ट्स और पर्यावरणविद उपस्थित थे जिन्होने बर्ड वाचिंग और पर्यावरण पर मार्गदर्शन दिया.

शनिवार, 5 जून 2010

और मुझे मिला ताजे पानी का नया चश्मा ......?????


पानी पानी करते थे
गर्मी के दिन थे जब
याद नहीं आते हम तुम्हे तब
आज मिला मुझे ताजा पानी
क्यों याद आ गई नानी ?
आओ करो आराम अब
घबराहट क्यों छाई अब !
मै तो सीधा सादा हूँ भाई
मेरी टोह में पहुंचेंगे सिंह जब
क्या तब भी यह पानी का चश्मा
रह पायेगा तुम्हारा टब
बचा लो आज भी हमारी खातिर पानी
महँगी पड़ेगी वरना तुम्हे नादानी

शुक्रवार, 4 जून 2010

लकड़ी और पद चिन्ह


लकड़ी की दुनिया को कुचला, अपने पैरों तले इंसान ने अदने
अब बचाने को नहीं कोई वराह, बस जा रहा राह अपने
क्या दिन थे वे जो लद गए, लोग आते डालियों पे झूलने
अब बस जा रहा आत्म हत्या को, कोई रहे न सपने
अगर कोई पंक्ति याद आ जाए तो लगना गुनगुनाने
फकत चिंता तुम करना मत, मै चला अंत को अपने