शनिवार, 19 मार्च 2011

गाजर घांस की जलेगी होली

आज सुबह नीमच में वन मंडलाधिकारी मनोज जी अर्गल के शासकीय निवास पर अपने मित्रों दिनेश प्रजापति , पुरुषोत्तम गुप्ता , चन्द्रशेखर गुप्ता का परिचय कराया।
पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर चर्चा करते हुए दिनेश जी ने भरपूर जानकारियाँ उपलब्ध कराई । उन्होंने बुराई की होली जलाने की बात बताते हुए कहा कि आज नीमच में गाजर घांस की होलिका की आकृति निर्मित की गई है और इसमें लोहे से प्रहलाद बना कर बैठाया जाएगा। होलिका के हाथो में सिगरेट गुटखा तमाखू जैसी बुराईयाँ भी थमाई गई है। बुराई के प्रतीक रावण के बाद आज पहली बार पर्यावरण तथा स्वास्थ्य के लिए घातक पदार्थो को होलिका का स्वरुप दिया जाना ज्ञात हुआ जो एक अचरज की बात थी ।
चाहे जिस किसी के मन में यह विचार पनपा हो है तो अनुकरणीय गाजर घांस कैसे जुटाई गई इस बारे में ज्ञात हुआ कि "गाजर घांस उन्मूलन अभियान" में उखाड़ी गई घांस आज के अवसर के लिए विशेष तौर पर संभाल कर रखी गई है।
धन्यवाद उन सभी का जिन्होंने कुछ नया अपनाया। परम्परागत त्यौहार में लकड़ी फूंकने के बजाय बुराई फूंकने की चाहत जताई

1 टिप्पणी:

राज भाटिय़ा ने कहा…

आप को सपरिवार होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!