शनिवार, 31 मार्च 2012

thought by Abraham Lincon


Nice thought


जय श्रीराम


श्रीराम नवमी पर सभी को श्वर का आशीर्वाद मिले यही कामनाए


गुरुवार, 29 मार्च 2012

शुक्रवार, 23 मार्च 2012

गुडी पडवा , उगादी , चेटी चाँद , नववर्ष , चैत्र नवरात्री , विक्रमी संवत की शुभ कामनाएं.



चैत्रे मासि जगत् ब्रह्म ससर्ज प्रथमे हनि 

शुक्ल पक्षे समग्रे तु तदा सूर्योदये सति॥ 

             कहा जाता है कि ब्रह्मा ने सूर्योदय होने पर सबसे पहले चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टि की संरचना शुरू की। उन्होंने इसे प्रतिपदा तिथि को प्रवरा अथवा सर्वोत्तम तिथि कहा था। इसलिए इसको सृष्टि का प्रथम दिवस भी कहते हैं। इस दिन से संवत्सर का पूजन, नवरात्र घटस्थापन, ध्वजारोपण, वर्षेश का फल पाठ आदि विधि-विधान किए जाते हैं। 

             चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा वसन्त ऋतु में आती है। इस ऋतु में सम्पूर्ण सृष्टि में सुन्दर छटा बिखर जाती है। विक्रम संवत के महीनों के नाम आकाशीय नक्षत्रों के उदय और अस्त होने के आधार पर रखे गए हैं। सूर्य, चन्द्रमा की गति के अनुसार ही तिथियाँ भी उदय होती हैं। मान्यता है कि इस दिन दुर्गा जी के आदेश पर श्री ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। इस दिन दुर्गा जी के मंगलसूचक घट की स्थापना की जाती है। 


              उत्सवों का प्रारंभ :- कहा जाता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप में अवतार लिया था। सूर्य में अग्नि और तेज हैं और चन्द्रमा में शीतलता, शान्ति और समृद्वि का प्रतीक सूर्य और चन्द्रमा के आधार पर ही सायन गणना की उत्पत्ति हुई है। मान्यता है कि आज के दिन ही भगवान राम जानकी माता को लेकर अयोध्या लौटे थे।




            इस दिन पूरी अयोध्या में भगवान राम के स्वागत में विजय पताका के रूप में ध्वज लगाए गए थे। इसे ब्रह्मध्वज भी कहा गया। 




           यह भी मान्यता है कि शालिवाहन ने शकों पर विजय आज के ही दिन प्राप्त की थी इसलिए शक संवत्सर प्रारंभ हुआ। 











           मराठी भाषियों की एक मान्यता यह भी है कि मराठा साम्राज्य के अधिपति छत्रपति शिवाजी महाराज ने वर्ष प्रतिपदा के दिन ही हिन्दू पदशाही का भगवा विजय ध्वज लगाकर हिंद साम्राज्य की नींव रखी।


            धार्मिक दृष्टि से फल, फूल, पत्तियाँ, पौधों तथा वृक्षों का विशेष महत्व है। चैत्र मास में पेड़-पौधों पर नई पत्तियों आ जाती हैं तथा नया अनाज भी आ जाता है जिसका उपयोग सभी देशवासी वर्ष भर करते हैं, उसको नजर न लगे, सभी का स्वास्थ्य उत्तम रहे, पूरे वर्ष में आने वाले सुख-दुःख सभी मिलकर झेल सकें ऐसी कामना ईश्वर से करते हुए नए वर्ष और नए संवत्सर के स्वागत का प्रतीक है गु़ड़ी पाड़वा। 

मंगलवार, 20 मार्च 2012

I Love You


सोमवार, 19 मार्च 2012

सोमवार, 12 मार्च 2012

इंतज़ार



" तरसती  निगाहों को  उनके  दीदार का
           इंतज़ार  आज  भी  है ,
     तड़पती  मुहोब्बत को  अपने  पाक  इश्क का
           इंतज़ार  आज  भी  है ....................!

    अब  कैसे  बया  करे  हम  अपनी
             तड़पती  "बेकरारी " को ,
        कब्र में  दफ़न  होने को  हम  है , और ,
             खुली  इस  आँखों को  उनके  वापस
                      आनेका  "इंतज़ार " आज  भी  है ................!!

शनिवार, 10 मार्च 2012

Congratulations Sunil


रतलाम बार एसोसिएशन के चुनाव आज संपन्न हुए 
सुनील लखोटिया को इसमें जीत हासिल हुई 
एम्पावर्ड डॉक्ट्रीन क्लास ऑफ़ लायर्स के संस्थापक 
बार असोसिएशन के लिए अध्यक्ष चुने गए 
हार्दिक बधाई 

शुक्रवार, 9 मार्च 2012

उसे आना ही था .................










तपती हुई धरती पर जब ,
बारिश ने अपनी रंगत जमाई तो
बहार को आना ही था ...................!

सूखे पत्ते हे जमीं पट जब ,
बहार ने आँचल लहराया तो
गुल को खिलना ही था .................!
               
चमन बेजान हे जब
गुल खिलके जवान हुए जब तो ,
भंवरे को आना ही था ..................!
 
खामोश सजी महफ़िल है जब
हुई चहल पहल परिंदों की तो ,
मुहब्बत को आना ही था .......................!

सोमवार, 5 मार्च 2012

रविवार, 4 मार्च 2012

पानी & होली का त्यौहार

टेसू फुले अब बहार है 
आया अब इस वक्त बस 
होली का त्यौहार है


पानी का नाश न करना 
बस यही इक भावना 
मुझको तकलीफ न दोगे 
बस इसलिए यह करना