शुक्रवार, 9 मार्च 2012

उसे आना ही था .................










तपती हुई धरती पर जब ,
बारिश ने अपनी रंगत जमाई तो
बहार को आना ही था ...................!

सूखे पत्ते हे जमीं पट जब ,
बहार ने आँचल लहराया तो
गुल को खिलना ही था .................!
               
चमन बेजान हे जब
गुल खिलके जवान हुए जब तो ,
भंवरे को आना ही था ..................!
 
खामोश सजी महफ़िल है जब
हुई चहल पहल परिंदों की तो ,
मुहब्बत को आना ही था .......................!

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