गुरुवार, 25 अप्रैल 2013

माहि नदी का उद्गम संरक्षित किए जाने योग्य


रतलाम

बदलते  समय  के  साथ  नदियों  की  दशा  भी  बदल  गई  है .  नहरों  के  जाल  से  हमने  समृद्धि  की  नई इबारत  लिखी  है  मगर  आधुनिकता  की  दौड़  में  हमने  कई  सदा  नीरा  नदियों  को  बरसाती  एवं प्रदूषित नालों  में  बदलते  देखा  है . माहि  नदी  का  उद्गम  धार  जिले  में  है  और  यह  संरक्षित  किए  जाने  योग्य  है . उक्त  बात  बर्ड्स  वाचिंग  ग्रुप  संस्थापक  राजेश  घोटीकर ने  विश्व  वरुन्धरा  दिवस (अर्थ डे) के  दिन  राज्य  सभा  सांसद  श्री  विक्रम  जी  वर्मा  से  भेंट  के  दौरान  उनके  धार  निवास  पर  कही .

रतलाम  से  धार  गए  दल  में  पंडित  बाबूलाल  जी  जोशी , नरेन्द्र  सिंह  पंवार  तथा  कुशलगढ़  के  मुकेश  नाहटा  शामिल  थे .

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